पीवीटीजी समुदाय की महिलाओं व किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए आयुष विभाग की पहल, सैनेटरी नैपकिन व अंडरगार्मेंट का वितरण।
पाकुड़ जिले के हिरणपुर व अमड़ापाड़ा प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित, मासिक धर्म स्वच्छता व स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर दी गई विस्तृत जानकारी।

पाकुड़। जिले में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयुष विभाग द्वारा विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) कार्यक्रम के तहत आयुष विभाग की ओर से महिलाओं और किशोरियों के बीच सैनेटरी नैपकिन एवं अंडरगार्मेंट का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीवीटीजी समुदाय से आने वाली बच्चियों एवं महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और बेहतर जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें।
सोमवार को इस पहल के तहत हिरणपुर प्रखंड के मोहनपुर संथाली टोला में 43 महिलाओं और किशोरियों के बीच सैनेटरी नैपकिन एवं अंडरगार्मेंट का वितरण किया गया। वहीं अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्र में भी 35 बच्चियों और महिलाओं को स्वच्छता संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम के दौरान आयुष विभाग के कर्मियों ने उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें व्यक्तिगत साफ-सफाई, संक्रमण से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान उचित स्वच्छता अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों से बचाव संभव होता है।
इस अवसर पर आयुष चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि पीवीटीजी समुदाय की महिलाओं और किशोरियों में अक्सर स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित जानकारी की कमी देखी जाती है। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे वे मासिक धर्म के दौरान सुरक्षित और स्वच्छ तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होती हैं।
उन्होंने बताया कि आयुष विभाग का प्रयास है कि जिले के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाओं तथा जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जाए, ताकि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और वे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

इस मौके पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. कुलेश कुमार, डॉ. अमरेश कुमार सहित आयुष विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।




