राजमहल व उधवा में गर्मी से पहले जलसंकट पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा।
उच्च स्तरीय बोरिंग से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग, विभाग ने क्लस्टर सर्वे कर त्वरित कार्रवाई का दिया आश्वासन।

साहिबगंज।राजमहल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजमहल एवं उधवा प्रखंडों में गर्मी के मौसम से पूर्व उत्पन्न होने वाली भीषण जलसंकट की समस्या को लेकर विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने विधानसभा में जोरदार ढंग से आवाज उठाई। उन्होंने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार का ध्यान उन क्षेत्रों की ओर आकृष्ट कराया, जो हर वर्ष गर्मी की शुरुआत के साथ ही “ड्राई जोन” में तब्दील हो जाते हैं और जहां लोगों को पेयजल के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विधायक ने सदन में कहा कि क्षेत्र के अनेक गांवों और टोले में स्थापित सामान्य बोरिंग अब पूरी तरह असफल साबित हो रही है। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के कारण हैंडपंप सूख जाते हैं, जिससे ग्रामीणों—विशेषकर महिलाओं और बच्चों—को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने के लिए विवश होना पड़ता है। यह स्थिति न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
उन्होंने मांग की कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा संवेदनशील और जलसंकटग्रस्त इलाकों की पूर्व पहचान कर व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए तथा गर्मी प्रारंभ होने से पहले उच्च स्तरीय (डीप) बोरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने क्लस्टर आधारित सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य योजना तैयार करने की अपील की, ताकि हर वर्ष दोहराई जाने वाली जलकिल्लत की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
सदन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से विधायक की मांग को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया गया। विभाग ने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में बोरिंग कार्य का क्रियान्वयन जारी है और जिन स्थानों पर उच्च स्तरीय बोरिंग की आवश्यकता है, वहां क्लस्टर के आधार पर सर्वेक्षण कर शीघ्र कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने विधायक द्वारा विधानसभा में जलसंकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने का स्वागत किया है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि विभागीय पहल और समयबद्ध कार्रवाई से इस वर्ष गर्मी के मौसम में राजमहल और उधवा क्षेत्र को जलसंकट से राहत मिलेगी तथा आमजन को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।




