तालझारी वन क्षेत्र कार्यालय में मुख्यमंत्री जन-वन योजना व वन अग्नि सुरक्षा पर अहम बैठक।
जनभागीदारी से वन संरक्षण का संकल्प, आग की सूचना तत्काल देने की अपील।

तालझारी साहिबगंज।साहिबगंज जिले के तालझारी वन क्षेत्र कार्यालय में मुख्यमंत्री जन-वन योजना एवं वन अग्नि सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) प्रबल गर्ग ने की। कार्यक्रम में क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों तथा वन विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
बैठक के दौरान जंगलों में लगने वाली आग से पर्यावरण, जैव विविधता और ग्रामीण जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएफओ प्रबल गर्ग ने कहा कि वन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि हमारी जीवन-रेखा हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी जंगल में आग लगने की घटना दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके और बड़े नुकसान से बचा जा सके।
उन्होंने मुख्यमंत्री जन-वन योजना को जनभागीदारी पर आधारित एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य वनों का संरक्षण, संवर्धन एवं स्थानीय समुदाय की भागीदारी को सशक्त बनाना है। योजना की सफलता ग्रामीणों के सहयोग, जागरूकता और सतर्कता पर निर्भर करती है।
इस अवसर पर राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने ग्राम प्रधानों की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण एवं संवर्धन केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे ने वन अग्नि से बचाव के उपायों और आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्राथमिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े वनाग्नि हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सतर्कता ही सर्वोत्तम उपाय है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण प्रेमी सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने गीत एवं कविताओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। उनके सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण ने बैठक को एक सशक्त जागरूकता अभियान का रूप दे दिया।
बैठक में वन बचाओ समिति के निदेशक दशरथ ठाकुर, वनपाल राणा रंजीत, वनरक्षी पप्पू यादव, अखलेश मरांडी, सुनील कुमार, अंकित झा सहित सभी ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वन संरक्षण, अग्नि सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जनसहभागिता, सतर्कता और प्रशासनिक समन्वय से ही जंगलों को सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध बनाया जा सकता है।




