हेमंत सती की अध्यक्षता में शिक्षा सुधार व डिजिटल प्रशिक्षण पर बड़ी समीक्षा।
15 दिनों में छात्र उपस्थिति सुधारने का सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई।

साहिबगंज। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शिक्षा सुधार एवं शिक्षकों के डिजिटल प्रशिक्षण से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा डिजिटल माध्यम से संचालित शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शिक्षा एवं विद्यालयी छात्र उपस्थिति के मामले में झारखंड के 24 जिलों में साहिबगंज का स्थान निचले पायदान पर है। इस पर उपायुक्त ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्थिति को अत्यंत निंदनीय बताया। उन्होंने सभी प्रखंडों के विद्यालयों की छात्र उपस्थिति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की तथा कम उपस्थिति वाले विद्यालयों के प्रति संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) एवं सीआरपी (क्लस्टर रिसोर्स पर्सन) से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आगामी 15 दिनों के भीतर विद्यालयों में छात्र उपस्थिति में ठोस एवं प्रत्यक्ष सुधार सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सेवा मुक्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
बैठक में शिक्षकों के डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डिजिटल प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तथा तकनीकी संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से शिक्षकों को सशक्त बनाकर ही शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण एवं दीर्घकालिक सुधार लाया जा सकता है।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), बीआरपी एवं सीआरपी उपस्थित रहे।
अंत में उपायुक्त ने सभी शिक्षा अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने, नियमित अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु ठोस एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र अमल में लाने का निर्देश दिया।



