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झारखंड

समाहरणालय सभागार में ‘सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026’ पर जागरूकता कार्यक्रम।

डिजिटल सुरक्षा, जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग और साइबर सतर्कता पर दिया गया विशेष जोर।

साहिबगंज। सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर समाहरणालय सभागार, साहिबगंज में जिला प्रशासन के तत्वावधान में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं, छात्र-छात्राओं और सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना था, ताकि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत एवं जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल युग का है, जहां इंटरनेट ने सूचना, शिक्षा, संचार और सरकारी सेवाओं को अत्यंत सरल और सुलभ बनाया है। हालांकि, इसके साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी सूचनाएं, डेटा चोरी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक हो गई है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार संख्या, बैंक विवरण, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक, ई-मेल या फोन कॉल से सतर्क रहें। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में मार्गदर्शन दें।

जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार ने सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है, ताकि फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन एवं पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई।कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि एआई तकनीक जहां कार्यक्षमता बढ़ाती है, वहीं इसके दुरुपयोग से निजता और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए एआई आधारित टूल्स का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर डिजिटल गोपनीयता, डेटा संरक्षण, ऑनलाइन शिष्टाचार और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और समाज में जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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