राजमहल माघी मेला में ‘आस्था के संग न्याय’ का संदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकार का कानूनी सहायता स्टॉल बना श्रद्धालुओं का सहारा।

राजमहल साहिबगंज।ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी राजमहल में आयोजित सुप्रसिद्ध माघी मेला इस वर्ष केवल आस्था, श्रद्धा और परंपरा का केंद्र भर नहीं रहा, बल्कि यह जन-जागरूकता, सामाजिक न्याय और विधिक सशक्तिकरण का भी सशक्त मंच बनकर उभरा है। गंगा स्नान के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ के बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), साहिबगंज द्वारा स्थापित विशेष विधिक सहायता एवं जागरूकता स्टॉल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह पहल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का सराहनीय और प्रभावी प्रयास सिद्ध हो रही है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में लगाए गए इस स्टॉल का उद्देश्य “कानूनी सहायता अब आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करना है। प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने स्टॉल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मेला परिसर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु, ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक पहुंच रहे हैं, जिन्हें निःशुल्क कानूनी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाने की समस्या को दूर किया जा रहा है।
स्टॉल पर उपस्थित पैरा लीगल वॉलंटियर्स (न्याय मित्र) द्वारा मौके पर ही लोगों की कानूनी समस्याओं, लंबित मामलों, पारिवारिक विवादों तथा अन्य विधिक जटिलताओं पर परामर्श दिया जा रहा है। साथ ही लोक अदालत, मध्यस्थता (मेडिएशन), महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित सख्त कानून, मौलिक अधिकारों और न्याय प्राप्त करने की सरल प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त आगंतुकों के बीच कानूनी नियमों, प्रक्रियाओं तथा विभिन्न सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित पैम्फलेट एवं पुस्तिकाओं का वितरण किया जा रहा है। स्टॉल पर पेंशन, राशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, श्रम योजनाओं एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की पात्रता और प्रक्रिया समझाई जा रही है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।
मेला परिसर में इस विधिक सहायता स्टॉल पर श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भीड़ देखी जा रही है। दूर-दराज के गांवों से आए लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ यहां अपनी कानूनी उलझनों का समाधान भी प्राप्त कर रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि उन्हें पहली बार यह जानकारी मिली कि वे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज की यह पहल सामाजिक न्याय, विधिक जागरूकता और जन-सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आई है। यह प्रयास स्पष्ट संदेश देता है कि न्याय अब केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-जन तक पहुंच रहा है ठीक वहीं, जहां लोग मौजूद हैं।
राजमहल माघी मेला में ‘आस्था के संग न्याय’ का यह समन्वय न केवल प्रशासनिक सक्रियता का परिचायक है, बल्कि यह एक ऐसे संवेदनशील प्रयास का प्रतीक भी है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार की रोशनी पहुंचाने के लिए समर्पित है।



