राशन कार्ड बनेगा ‘स्वास्थ्य का एटीएम’ 15 लाख तक मुफ्त इलाज सुनिश्चित करें” : डीसी हेमंत सती का पीडीएस डीलरों को मिशन मोड निर्देश।
एक महीने का ‘युद्ध स्तर’ अभियान, आयुष्मान गोल्डन कार्ड अनिवार्य, फाइलेरिया दवा पर जोर, ई-केवाईसी 100% और फर्जी नाम हटाने के कड़े निर्देश।

साहिबगंज।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में आयुष्मान मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान और पीडीएस सशक्तिकरण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेता और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मौजूद रहे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अगले एक महीने तक पूरे जिले में मिशन मोड में आयुष्मान कार्ड निर्माण और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।उपायुक्त हेमंत सती ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि झारखंड में आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य योजना के समन्वय से लाभार्थियों को अब 15 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा:“राशन कार्ड अब केवल अनाज लेने का साधन नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता ‘स्वास्थ्य एटीएम’ है। चाहे ग्रीन कार्ड हो, लाल, पीला या पीवीटीजी हर राशन कार्डधारी को 15 लाख तक का सुरक्षा कवच मिलेगा। दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में यही कार्ड परिवार को कर्ज और ब्याज के कुचक्र से बचाएगा।”डीसी ने पीडीएस डीलरों को उनकी भूमिका का महत्व बताते हुए कहा कि उनके पास ‘राशन’ रूपी ब्रह्मास्त्र है, क्योंकि गांव का हर व्यक्ति उनके पास आता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिया लाभार्थी राशन लेने आए तो पहले आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिखाए कार्ड नहीं बना हो तो उसे तुरंत प्रज्ञा केंद्र भेजें आधार और राशन कार्ड से ई-केवाईसी के बाद ही राशन वितरण करें सभी डीलरों को 28 फरवरी तक अपने क्षेत्र के अधिकतम लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनवाने का लक्ष्य दिया गया है।1 मार्च को समीक्षा बैठक में बेहतर कार्य करने वाले बीएसओ और डीलरों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय है।आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए केवल राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की आवश्यकता है। निर्धारित शुल्क मात्र 10 रुपये है।यदि कोई अधिक राशि मांगता है, तो इस नंबर पर शिकायत करें: 8809895223। प्रशासन त्वरित कार्रवाई करेगा।बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया गया। 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे।डीसी ने डीलरों को निर्देश दिया कि वे राशन देते समय पूछें: “दवा खाई कि नहीं?”उन्होंने इसे बचपन के टीकाकरण जितना जरूरी बताते हुए कहा कि यह दवा भविष्य में हाथी पांव जैसी गंभीर बीमारी से बचाती है।उपायुक्त ने राशन कार्ड डाटाबेस को शुद्ध करने के निर्देश दिए:मृत लोगों के नाम तुरंत हटाएं शादी या पलायन कर चुके लोगों का नाम सूची से काटें ई-केवाईसी नहीं कराने वालों का राशन रोककर उन्हें केंद्र तक लाएं जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित डीलर पर कार्रवाई गोल्डन कार्ड अनिवार्य हर राशन कार्डधारी को 15 लाख का स्वास्थ्य बीमा फाइलेरिया दवा सेवन सुनिश्चित मृत अनुपस्थित नामों का शुद्धिकरण 100% ई-केवाईसी बायोमेट्रिक सत्यापन राशन वितरण को सामाजिक दायित्व समझें बैठक के अंत में उपायुक्त हेमंत सती ने सभी डीलरों से अपील की कि वे अगले एक महीने तक मिशन भावना से काम करें, ताकि साहिबगंज का कोई भी गरीब इलाज के अभाव में परेशान न हो।




