कालू पंचायत में सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारंभ, 25 कृषक होंगे लाभान्वित।

बरहरवा साहिबगंज। वित्तीय वर्ष 2025–26 के तहत राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत आत्मा (ATMA) द्वारा चयनित 25 कृषकों के लिए बरहरवा प्रखंड की कालू पंचायत में सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक निदेशक, उद्यान दुमका दयानंद प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उद्घाटन सत्र में गोस्वामी मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षक राधाकांत गिरी ने किसानों को संबोधित करते हुए मधुमक्खी पालन की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन एक अत्यंत लाभकारी, कम लागत वाला और पूर्णतः जैविक व्यवसाय है, जिसे किसान आसानी से अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परागण (Pollination) के माध्यम से फसलों की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करती हैं, जिससे कृषि उपज बेहतर होती है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, छत्तों का वैज्ञानिक प्रबंधन, शहद संग्रहण की आधुनिक विधियां, रोग नियंत्रण, विपणन रणनीति तथा व्यावसायिक दृष्टिकोण से मधुमक्खी पालन की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है।
कार्यक्रम में उद्यान विभाग से प्रेम पासवान की उपस्थिति रही, साथ ही आत्मा द्वारा चयनित सभी 25 कृषकों ने सक्रिय भागीदारी की। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आय के विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं, जो किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आय के स्रोत प्रदान करते हैं।
सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा, जिससे वे मधुमक्खी पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें। यह पहल क्षेत्र में कृषि विकास और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए एक सार्थक कदम मानी जा रही है।




