वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपायुक्त ने की मनरेगा योजनाओं की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश।
ई-केवाईसी, लंबित योजनाओं के निष्पादन और गुणवत्ता पर जोर; लापरवाही पर होगी कार्रवाई।

पाकुड़ ग्रामीण विकास को गति देने एवं मनरेगा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त मनीष कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी सक्रिय मजदूरों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से पाकुड़िया, अमड़ापाड़ा एवं पाकुड़ प्रखंड को इस दिशा में तेजी लाने को कहा गया।
समीक्षा के दौरान लंबित एवं पुरानी योजनाओं को अगले तीन दिनों के भीतर मनरेगा सॉफ्ट में बंद करने का निर्देश सभी सहायक एवं कनीय अभियंताओं को दिया गया। साथ ही सोशल ऑडिट से संबंधित एक्शन टेकन रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया। इस कार्य में तेजी लाने के लिए बीपीओ पाकुड़ एवं अमड़ापाड़ा को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
उपायुक्त ने सभी अपूर्ण डोभा निर्माण योजनाओं का आकलन कर उन्हें मनरेगा सॉफ्ट में बंद करने का निर्देश दिया, ताकि लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित हो सके। एरिया ऑफिसर ऐप में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत डेटा कैप्चर सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
मानव दिवस सृजन में महेशपुर एवं अमड़ापाड़ा प्रखंड के प्रदर्शन में सुधार के लिए विशेष रणनीति अपनाने का निर्देश दिया गया। वहीं 100 दिवस पूर्णता लक्ष्य के तहत 81 से 99 दिन कार्य कर चुके मजदूरों की पहचान कर उन्हें पुनः कार्य से जोड़ने एवं वर्क डिमांड के माध्यम से लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया गया।
बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
अंत में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।




