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झारखंड

वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का शुभारंभ, उपायुक्त मनीष कुमार ने जिदातो उच्च विद्यालय में किया उद्घाटन।

पाकुड़ में स्थापित मूल्यांकन केंद्र पर 310 शिक्षक करेंगे कॉपियों की जांच, निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतने के दिए गए सख्त निर्देश।

पाकुड़।वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। इस वर्ष मूल्यांकन कार्य के लिए जिदातो उच्च विद्यालय, पाकुड़ को आधिकारिक मूल्यांकन केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है। मूल्यांकन केंद्र का उद्घाटन जिले के उपायुक्त मनीष कुमार द्वारा किया गया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने मूल्यांकन कार्य से जुड़े शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि यह विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को पूरी ईमानदारी और सावधानी के साथ कॉपियों का मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को उनके परिश्रम और प्रदर्शन के अनुरूप सही अंक प्राप्त हो सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मूल्यांकन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी शिक्षक निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें।

उपायुक्त ने मूल्यांकन कार्य में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन केंद्र परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। सभी शिक्षकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासनपूर्वक कार्य करने की अपील की गई।

इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शिक्षा व्यवस्था की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार सावधानीपूर्वक और निष्पक्षता के साथ मूल्यांकन कार्य करें, ताकि विद्यार्थियों को उनके वास्तविक प्रदर्शन के अनुरूप अंक मिल सकें। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होती है।

जिला शिक्षा विभाग के अनुसार इस मूल्यांकन कार्य के लिए कुल 310 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूरा करेंगे, जिससे परीक्षा परिणाम समय पर जारी किया जा सके।

प्रशासन की ओर से मूल्यांकन केंद्र पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी भी की जा रही है, ताकि मूल्यांकन कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत समय पर परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराया जा सके।

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