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झारखंड

उपायुक्त मनीष कुमार व केंद्रीय टीम ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय इस्लामपुर का किया निरीक्षण।

तिथि भोज सह जन्मोत्सव कार्यक्रम में बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन, पढ़ाई के साथ सामाजिक जागरूकता का दिया संदेश।

पाकुड़।सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, इस्लामपुर में बुधवार को जिला प्रशासन द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा के उद्देश्य से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार तथा पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार से आए सेक्शन ऑफिसर एवं सलाहकार (SOEPR) की केंद्रीय टीम ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति तथा पढ़ाई की स्थिति का जायजा लिया।

इस अवसर पर झिकरहटी पूर्वी एवं झिकरहटी पश्चिमी पंचायत में तिथि भोज सह जन्मोत्सव कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिन बच्चों का जन्मदिन था, उनके लिए विशेष रूप से केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। सभी बच्चों ने मिलकर इस अवसर को उत्साहपूर्वक मनाया, जिससे विद्यालय परिसर में खुशी और उमंग का माहौल देखने को मिला।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त और केंद्रीय टीम ने विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे संवाद भी किया। उन्होंने बच्चों से विभिन्न विषयों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अधिकांश प्रश्नों के सही उत्तर दिए, जिस पर उपायुक्त और केंद्रीय टीम ने उनकी सराहना करते हुए बच्चों को आगे भी इसी तरह मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस मौके पर उपायुक्त मनीष कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र को अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन कर लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा और परिश्रम ही आने वाले समय में जिले और राज्य का नाम रोशन करेगा।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने, अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और अनुशासन के साथ उसे प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से यह भी पूछा कि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस पर बच्चों ने डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी बनने जैसे अपने-अपने सपनों को उत्साहपूर्वक साझा किया।

इसके साथ ही उपायुक्त ने बच्चों को सामाजिक रूप से जागरूक करते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह से बचना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि कम से कम 22 वर्ष की आयु के बाद ही विवाह करने के प्रति स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा समाज में भी इस विषय में जागरूकता फैलाएं।

इस निरीक्षण और जन्मोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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