उपायुक्त हेमंत सती ने किया विकास कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया सख्त निर्देश।
मोती झरना सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा, बंद मिले आंगनवाड़ी केंद्र पर जताई नाराजगी।

साहिबगंज। जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को उपायुक्त हेमंत सती ने कई परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त सबसे पहले स्पेशल डिवीजन द्वारा निर्माणाधीन आर एंड आर (R&R) कॉलोनी पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उपस्थित अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप हों और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि परियोजना का लाभ समय पर लाभुकों तक पहुंच सके।

उपायुक्त ने मोती झरना में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां विकसित किए जा रहे पर्यटन ढांचे की समीक्षा की और निर्माणाधीन डॉल्फिन शौचालय के कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोती झरना को एक आकर्षक और व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूर्ण किए जाएं, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने करणपुरा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय केंद्र बंद पाया गया, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद उपायुक्त स्वयं पैदल चलकर संबंधित सेविका के आवास तक पहुंचे, लेकिन वहां भी सेविका मौजूद नहीं मिली।ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर उपायुक्त ने सेविका और सहायिका की कार्यशैली पर असंतोष जताया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और कहीं भी लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी भी उपस्थित थे।




