उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में विकास योजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश।
DMFT, अनाबद्ध निधि, आकांक्षी मद एवं नीति आयोग की योजनाओं की प्रगति पर मंथन, अधिकारियों को फील्ड स्तर पर निगरानी तेज करने का निर्देश।

साहिबगंज। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत DMFT, अनाबद्ध निधि, आकांक्षी मद एवं नीति आयोग सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र पहुंचे, इसके लिए फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में कार्यपालक अभियंता NREP, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, भवन प्रमंडल, असैनिक शल्य चिकित्सा, नगर परिषद एवं समेकित जनजातीय विकास अभिकरण द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रही कई अहम योजनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई, जिनमें प्रमुख हैं, मंडरो प्रखंड के दामिन भिट्ठा पंचायत के ग्राम बेतौना में सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजना, साहिबगंज स्थित शकुंतला सहाय घाट का स्थायी निर्माण एवं सौंदर्यीकरण, आंगनबाड़ी केन्द्र (वार्ड सं. 06) का भवन निर्माण कार्य, बरहेट प्रखंड के लबरी गांव में पीसीसी सड़क निर्माण (PWD रोड से स्कूल तक), विभिन्न HSC केंद्रों (छोटा बेतौन, कौड़ीखुटौना, सिरसा, तेतरिया, देवदांड़) में चहारदीवारी एवं अन्य निर्माण कार्य, मध्य विद्यालय बरहेट में क्लासरूम एवं शौचालय निर्माण, पतना प्रखंड के तलबड़िया में फुटबॉल मैदान की गैलरी निर्माण, उर्दू मध्य विद्यालय, साहिबगंज (वार्ड 15) में चहारदीवारी निर्माण, सुगनीबासा में डीप बोरिंग एवं सोलर पानी टंकी निर्माण, इसके अलावा जिले के विभिन्न गांवों में पुलिया निर्माण, नाली निर्माण एवं पीसीसी सड़कों के कई महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि हर योजना का उद्देश्य आम जनता को सीधे लाभ पहुंचाना है, इसलिए कार्य में तेजी और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, सिविल सर्जन डॉ. राम देव पासवान, जिला योजना पदाधिकारी अनुप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




