स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में आयुष विभाग की पहल, पाकुड़ जिले में व्यापक योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित।
34 स्थानों पर एक साथ योग, प्राणायाम व ध्यान का अभ्यास—आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया प्रेरित।

पाकुड़। “स्वस्थ शरीर ही सफल जीवन की आधारशिला है”—इसी मूल भावना को साकार करने के उद्देश्य से आयुष विभाग, पाकुड़ द्वारा जिलेभर में व्यापक स्तर पर योग एवं आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
आयुर्विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनकी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना तथा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
गुरुवार को इस अभियान के तहत पाकुड़ जिले के पाकुड़, पाकुड़िया, हिरणपुर, महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा सहित कुल 34 विभिन्न स्थानों पर एक साथ योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन शिविरों में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों द्वारा स्थानीय नागरिकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ एवं ऊर्जावान रहता है। साथ ही यह मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी अत्यंत सहायक होता है।
आयुष विभाग के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि नियमित योग करने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और कई बीमारियों से बचाव संभव है।
अंत में विभाग की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाएं और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।यह पहल न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बन रही है, बल्कि समाज में प्राकृतिक और संतुलित जीवनशैली को भी प्रोत्साहित कर रही है।




