स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुष विभाग की पहल: जिलेभर में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित।

पाकुड़। स्वस्थ शरीर को सफल और सुखद जीवन की आधारशिला माना जाता है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए आयुष विभाग, पाकुड़ द्वारा जिले में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा योग एवं आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने, नियमित योगाभ्यास करने और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
आयुष विभाग द्वारा संचालित “आयुर्विद्या कार्यक्रम” के अंतर्गत इस विशेष प्रशिक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना, बीमारियों से बचाव के लिए प्राकृतिक उपायों की जानकारी देना तथा समाज में योग और आयुष पद्धति के महत्व को बढ़ावा देना है।
इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में एक साथ योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पाकुड़, पाकुड़िया, हिरणपुर, महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा सहित जिले के कुल 22 स्थानों पर प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने नागरिकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण सत्रों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर और मन दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग के माध्यम से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया जाए, तो अनेक बीमारियों से स्वाभाविक रूप से बचाव संभव है।
इस अवसर पर आयुष विभाग के पदाधिकारियों ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है। इसी सोच के साथ जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में योग और आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
पदाधिकारियों ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन योग और प्राणायाम का अभ्यास करें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। योग को जीवन का हिस्सा बनाकर ही स्वस्थ, सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सकता है।




