स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुष विभाग की पहल, जिले के 20 स्थानों पर आमजन को दिया गया योग प्रशिक्षण।

पाकुड़। स्वस्थ शरीर को सफल और सुखी जीवन की आधारशिला माना जाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग, पाकुड़ द्वारा जिलेभर में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने तथा योग और आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
आयुर्विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के महत्व को समाज में स्थापित करना है।
इसी क्रम में गुरुवार को पाकुड़ जिले के विभिन्न प्रखंडों में व्यापक स्तर पर योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पाकुड़, पाकुड़िया, हिरणपुर, महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा सहित जिले के कुल 20 स्थानों पर प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने आम नागरिकों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, तनाव और मानसिक दबाव कम होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस अवसर पर आयुष विभाग के पदाधिकारियों ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की प्राचीन और प्रभावी स्वास्थ्य पद्धति है, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को योग और आयुष चिकित्सा पद्धति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।अंत में आयुष विभाग ने आमजन से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करें और नियमित अभ्यास के माध्यम से स्वयं के साथ-साथ समाज को भी स्वस्थ बनाने में योगदान दें।




