सुदूरवर्ती गांवों में बिजली की गूंज विधानसभा तक, विधायक निसात आलम ने उठाई आवाज — 2027 तक हर गांव में रोशनी का भरोसा।

साहिबगंज। निसात आलम ने सुदूरवर्ती गांवों में बिजली की कमी के गंभीर मुद्दे को झारखंड विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया। बुधवार को सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि साहिबगंज जिले के कई दूर-दराज इलाके आज भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।
विधायक ने कहा कि आधुनिक युग में भी कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
इस पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री ने बताया कि उपायुक्त, साहिबगंज से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जिन गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां वित्तीय वर्ष 2027 तक शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना” के तहत युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है और इसकी लगातार निगरानी भी हो रही है।

मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि आगामी वित्तीय वर्ष के भीतर सभी शेष गांवों में बिजली पहुंचा दी जाएगी।वहीं निसात आलम ने सरकार के इस आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि वे स्वयं इस कार्य की निगरानी करेंगी, ताकि पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में अंधेरा न रहे।
उन्होंने कहा, “हम क्षेत्र के हर जरूरी मुद्दे को विधानसभा में उठाते हैं, ताकि सरकार उस पर संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित करे।”




