साहिबगंज की बेटी निहारिका सिन्हा ने यूपीएससी में 365वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का मान।
उपायुक्त हेमंत सती ने पुष्पगुच्छ व शॉल भेंट कर किया सम्मानित, साधारण परिवार की बेटी ने परिश्रम से हासिल की बड़ी सफलता।

साहिबगंज।संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में साहिबगंज की बेटी निहारिका सिन्हा ने 365वीं रैंक प्राप्त कर जिले और पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। निहारिका की सफलता यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अपनी सफलता के बाद निहारिका सिन्हा ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त हेमंत सती से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उपायुक्त ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि निहारिका की सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह साबित करती है कि लगन और मेहनत से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम भगत, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुनु कुमार मिश्रा तथा जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष ने भी निहारिका को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
निहारिका सिन्हा साहिबगंज के कुलीपाड़ा की निवासी हैं और एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता निरंजन सिन्हा पेशे से दर्जी (टेलर) हैं, जबकि उनकी माता शबनम कुमारी स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध के आधार पर एएनएम के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद निहारिका ने अपने परिश्रम और समर्पण के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

पढ़ाई के प्रति निहारिका शुरू से ही गंभीर और मेधावी रही हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में सेंट जेवियर्स स्कूल (अंग्रेजी), साहिबगंज से मैट्रिक, वर्ष 2020 में जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली (रांची) से इंटरमीडिएट तथा वर्ष 2023 में सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता से राजनीति शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
वर्ष 2024 में पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। दूसरे प्रयास में वर्ष 2025 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 365वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।निहारिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है।

इस मौके पर उपायुक्त हेमंत सती ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साहिबगंज में फूलो-झानो डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। उन्होंने निहारिका सिन्हा से अनुरोध किया कि वे समय-समय पर डिजिटल लाइब्रेरी में आकर वहां पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के साथ अपना अनुभव साझा करें और उन्हें करियर से संबंधित मार्गदर्शन दें, ताकि जिले के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें।
निहारिका की इस उपलब्धि से साहिबगंज जिले के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है।



