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झारखंड

साहिबगंज के मदरसा शिक्षकों को 7वें वेतनमान की मांग, विधायक एमटी राजा ने विधानसभा में उठाया मुद्दा।

43 सहायता प्राप्त मदरसों के करीब 200 शिक्षक वेतन व सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित | डीबीटी से भुगतान और सर्वशिक्षा अभियान से जोड़ने की उठी मांग।

साहिबगंज।मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा राजमहल के विधायक, ने झारखंड विधानसभा में साहिबगंज जिले के मदरसों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए वहां कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि जिले के सहायता प्राप्त मदरसों में कार्यरत शिक्षक लंबे समय से वेतन और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि साहिबगंज जिले में वर्तमान समय में 43 प्रस्वीकृत प्राप्त गैर-सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे संचालित हैं। इन मदरसों में करीब 10 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि लगभग 200 शिक्षक इन बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद इन शिक्षकों को अब तक नियमित वेतन भुगतान और सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा गया है।

विधायक एमटी राजा ने कहा कि इन मदरसों में कार्यरत शिक्षकों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके कारण कई बार वेतन में देरी होती है और शिक्षकों को आर्थिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मदरसा शिक्षकों को भी अन्य सरकारी या अनुदानित शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों की तरह डीबीटी के माध्यम से नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

सदन में बोलते हुए विधायक ने यह भी कहा कि राज्य के अन्य कर्मचारियों को जहां  सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान लाभ मिल रहा है, वहीं मदरसा शिक्षक अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि साहिबगंज जिले के सहायता प्राप्त मदरसों में कार्यरत शिक्षकों को भी सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए, ताकि उनका आर्थिक और सामाजिक स्तर मजबूत हो सके।

विधायक ने यह भी सुझाव दिया कि इन मदरसों को सर्वशिक्षा अभियान से जोड़ा जाए। इससे मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षण सामग्री और प्रशिक्षित शिक्षकों का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि मदरसों को इस योजना से जोड़ा जाता है तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

विधानसभा में यह मुद्दा उठने के बाद साहिबगंज जिले के मदरसा शिक्षकों और अभिभावकों के बीच उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी। शिक्षकों का मानना है कि यदि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर सरकार ध्यान देती है, तो इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।

विधायक एमटी राजा ने कहा कि मदरसा शिक्षा व्यवस्था भी समाज के एक बड़े वर्ग को शिक्षा प्रदान करती है, इसलिए वहां कार्यरत शिक्षकों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की।

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