राजमहल प्रखंड के बाबूपुर पंचायत का केंद्रीय स्पेशल ऑडिट टीम ने किया निरीक्षण, मनरेगा योजनाओं की गहन जांच।
ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार की टीम ने अभिलेखों व कार्यस्थलों का किया निरीक्षण, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर दिया जोर।

राजमहल, साहिबगंज।ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली की केंद्रीय स्पेशल ऑडिट टीम ने मंगलवार को साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड अंतर्गत बाबूपुर पंचायत का दौरा कर विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति, अभिलेखों और कार्यस्थलों का गहन निरीक्षण किया।
पंचायत सचिवालय बाबूपुर पहुंचने पर बीपीओ श्वेता तथा गगन बापू ने ऑडिट टीम के सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद टीम ने मनरेगा से संबंधित अभिलेखों, योजनाओं के दस्तावेजों तथा कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, पारदर्शिता और कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से समीक्षा की गई।
तीन सदस्यीय केंद्रीय स्पेशल ऑडिट टीम का नेतृत्व टीम लीडर गीता राम कर रहे थे। टीम के अन्य सदस्यों में पवन कुमार और अबू अब्राहम शामिल थे। टीम ने पंचायत क्षेत्र में संचालित विभिन्न मनरेगा योजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया। इस दौरान कार्यों की गुणवत्ता, लाभुकों की भागीदारी तथा योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन किया गया।

निरीक्षण के क्रम में टीम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से हो सके।
इस मौके पर सहायक अभियंता विकास चौधरी, कनीय अभियंता मो. एहसानुल जमील, अर्जुन कुमार साह, दीप नारायण मंडल, मुखिया प्रतिनिधि अमरेंद्र सिंह, पंचायत सचिव ललन किस्कू तथा रोजगार सेवक मोतीलाल तिग्गा सहित कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय कर्मी उपस्थित थे।

केंद्रीय ऑडिट टीम के इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायने में आम जनता तक पहुंचे और विकास कार्यों में जवाबदेही बनी रहे।



