राजमहल नीलकोठी चैती दुर्गा मंदिर में तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की भक्ति में डूबा माहौल, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, “जय माता दी” के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर।
विधि-विधान से संपन्न हुई पूजा, सुख-समृद्धि और शक्ति की कामना।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल के नीलकोठी स्थित चैती दुर्गा मंदिर में चल रहे चैती दुर्गा पूजा के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर “जय माता दी” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
चैती दुर्गा पूजा के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उन्हें साहस, शक्ति एवं आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता को फूल, बेलपत्र, धूप-दीप एवं नैवेद्य अर्पित कर अपने और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा-अर्चना का संचालन विद्वान पुजारी राजेश पंडित द्वारा विधि-विधान से कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां चंद्रघंटा की आरती और पूजन संपन्न कराया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर पूजा समिति के सदस्य पूरी तरह सक्रिय नजर आए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
चैती दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं।




