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झारखंड

PVTG समुदाय के सर्वांगीण विकास हेतु 1 अप्रैल से व्यापक पारिवारिक सर्वेक्षण अभियान शुरू।

साहिबगंज जिले के 320 गांवों में 15,809 परिवारों का होगा सर्वेक्षण, मोबाइल ऐप के माध्यम से जुटाई जाएगी विस्तृत जानकारी।

साहिबगंज समेकित जनजातीय विकास अभिकरण, साहिबगंज के तत्वावधान में अत्यंत पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी पारिवारिक सर्वेक्षण अभियान की शुरुआत 01 अप्रैल 2026 से की जा रही है। यह अभियान 30 अप्रैल 2026 तक पूरे जिले में संचालित होगा।

इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य PVTG समुदाय के परिवारों की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करना तथा उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है, ताकि पात्र लाभुकों को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

अभियान के तहत जिले के सभी प्रखंड—बरहेट, बरहरवा, बोरियो, मांडरो, पतना, राजमहल, साहिबगंज एवं तालझारी—के 320 गांवों और 501 बस्तियों में रहने वाले लगभग 15,809 परिवारों (करीब 70,644 आबादी) का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा।

सर्वेक्षण कार्य के दौरान प्रत्येक परिवार की पहचान, उनके निवास स्थान (विशेषकर वन क्षेत्रों एवं सुदूरवर्ती बस्तियों) का मैपिंग तथा उनकी आवश्यकताओं का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में संपन्न होगी।

इस महत्वपूर्ण अभियान के सफल संचालन के लिए जिला कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में संबंधित प्रखंडों के अधिकारी एवं सर्वेक्षक निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करेंगे।

सर्वेक्षण के लिए प्रत्येक गांव में एक एन्यूमैरेटर की नियुक्ति की जाएगी। चयन में स्थानीय युवकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास कम से कम मैट्रिक या इंटर की शैक्षणिक योग्यता, हिंदी, अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा का ज्ञान तथा एंड्रॉइड मोबाइल संचालन की क्षमता होनी अनिवार्य है।

एन्यूमैरेटर को मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रत्येक घर के मुखिया एवं सभी सदस्यों का विस्तृत डाटा संग्रह करना होगा। प्रत्येक त्रुटिरहित सर्वेक्षण पर केंद्र सरकार द्वारा 150 रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा, जिसका भुगतान कार्य पूर्ण होने के बाद किया जाएगा।

यदि किसी गांव में योग्य युवक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो निकटवर्ती गांव के चयनित एन्यूमैरेटर द्वारा भी सर्वेक्षण कार्य कराया जा सकेगा। एक एन्यूमैरेटर को न्यूनतम 100 घरों की जिम्मेदारी दी जाएगी, आवश्यकता अनुसार संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक एन्यूमैरेटर को पहचान पत्र (आई-कार्ड) उपलब्ध कराएं। साथ ही भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण सामग्री, पीपीटी एवं वीडियो के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।

समेकित जनजातीय विकास अभिकरण, साहिबगंज ने आमजन से अपील की है कि वे सर्वेक्षण टीम को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाएं, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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