पीवीटीजी कार्यक्रम के तहत आयुष विभाग की सराहनीय पहल: लिट्टीपाड़ा में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, महिलाओं और किशोरियों के बीच सेनेटरी नैपकिन व अंडरगार्मेंट का वितरण।

लिट्टीपाड़ा पाकुड़। जनजातीय समुदाय की महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आयुष विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को लिट्टीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया।
इस अभियान के दौरान कुल 70 महिलाओं एवं किशोरियों के बीच सेनेटरी नैपकिन एवं अंडरगार्मेंट का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल उन दूरस्थ और वंचित समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य संसाधन पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास है, जहां आज भी मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता और सुविधाओं का अभाव देखा जाता है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीवीटीजी समुदाय से जुड़ी महिलाओं और किशोरियों के बीच व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन तथा संतुलित एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस दौरान उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रतिभागियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के सही तरीके, संक्रमण से बचाव के उपाय तथा आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

स्वास्थ्यकर्मियों ने यह भी बताया कि नियमित स्वच्छता और सही आदतों को अपनाने से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। साथ ही महिलाओं और किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने तथा किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रेम प्रकाश सहित आयुष विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह अभियान न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी साबित हुआ।




