पीवीटीजी कार्यक्रम के तहत आयुष विभाग का विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, 181 बच्चियों व महिलाओं के बीच सेनेटरी नैपकिन व अंडरगार्मेंट का वितरण।
जनजातीय क्षेत्रों में मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल, कई गांवों में आयोजित हुए कार्यक्रम।

पाकुड़ । जिले के जनजातीय समुदाय की महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा मासिक धर्म प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) कार्यक्रम के तहत आयुष विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं एवं किशोरियों को स्वच्छता और स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।
अभियान के तहत पाकुड़ प्रखंड के कोलाजोड़ा, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के तेसरो, हिरणपुर प्रखंड के देवापाड़ा, अमड़ापाड़ा प्रखंड के पकलो तथा महेशपुर प्रखंड के अमलागाछी गांव में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान कुल 181 बच्चियों एवं महिलाओं के बीच सेनेटरी नैपकिन और अंडरगार्मेंट का वितरण किया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य पीवीटीजी समुदाय से जुड़ी महिलाओं और किशोरियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाना है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय, संतुलित पोषण तथा स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए स्वच्छ सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करना, उसे समय-समय पर बदलना तथा व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। इससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। साथ ही महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या के प्रति सजग रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार, अशोक मेहता, डॉ. लवकुश यादव, डॉ. सौरभ विश्वास तथा डॉ. मिथिलेश सिंह सहित आयुष विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान सहिया दीदियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बेहतर बनाने की दिशा में चलाया जा रहा यह अभियान एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि उनके समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।




