स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की पहल, विधायक निसात आलम ने विधानसभा में उठाई श्रीकुंड व रहमतपुर पीएचसी चालू करने की मांग।
भवन बनकर तैयार, डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने का आग्रह — मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन।

बरहरवा साहिबगंज। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में क्षेत्र की विधायक निसात आलम ने महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार को झारखंड विधानसभा सदन में बरहरवा प्रखंड के श्रीकुंड पंचायत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आहूतग्राम पंचायत के रहमतपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को शीघ्र चालू कराने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मंत्री से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरहरवा प्रखंड के श्रीकुंड पंचायत में निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा आहूतग्राम पंचायत के रहमतपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है। इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों को चालू करने के लिए डॉक्टर, एएनएम तथा अन्य पारामेडिकल कर्मियों के पद सृजित करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन द्वारा तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेज दिया गया है।
विधायक निसात आलम ने कहा कि यदि इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द डॉक्टर, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी जाती है, तो क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इलाज के लिए लोगों को पश्चिम बंगाल सहित दूर-दराज के अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की परेशानी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने आगे बताया कि इस मुद्दे को लेकर विभागीय मंत्री तथा स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव से भी विस्तृत चर्चा की गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जिला उपायुक्त से रिपोर्ट मंगवा ली गई है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों अस्पतालों को जल्द चालू करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने यह भी कहा कि पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में जहां-जहां अस्पतालों के भवन बनकर तैयार हैं, वहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग से विशेष आग्रह किया गया है। विभाग की ओर से क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी दूर करने का भरोसा भी दिया गया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक पहल करेगी, जिससे ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और आम लोगों को समय पर उपचार मिल पाएगा।




