महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज को सशक्त बनाना ही ‘GIVE TO GAIN’ का उद्देश्य” : उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिद्धू कान्हु सभागार, साहिबगंज में भव्य कार्यक्रम, उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों और कैडरों को किया गया सम्मानित।

साहिबगंज।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन साहिबगंज एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के संयुक्त तत्वावधान में “GIVE TO GAIN” थीम पर सिद्धू कान्हु सभागार, साहिबगंज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़ी दीदियाँ, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा समाज में उनकी बढ़ती भूमिका को सम्मान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि एक मजबूत और समृद्ध समाज के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को उचित अवसर, संसाधन और सहयोग मिलता है तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने “GIVE TO GAIN” थीम की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि हम समाज में महिलाओं को अवसर, सहयोग और सम्मान देंगे, तो उसके परिणामस्वरूप समाज को कई गुना अधिक सकारात्मक लाभ प्राप्त होगा। यह थीम इस बात का संदेश देती है कि समाज में निवेश महिलाओं के माध्यम से किया जाए तो उसका लाभ पूरे समुदाय को मिलता है।उप विकास आयुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में SHG से जुड़ी दीदियाँ आर्थिक गतिविधियों, स्वरोजगार, कृषि आधारित उद्यम, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण तथा सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (पलाश) के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसके तहत महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर स्थायी आय के स्रोत उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं।कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास तथा सामुदायिक नेतृत्व को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत की आदत विकसित कर रही हैं और छोटे-छोटे उद्यमों के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि, पशुपालन, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, डेयरी तथा अन्य आजीविका गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है और आने वाले समय में इस दिशा में और भी नई पहल की जाएंगी।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कैडर एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा द्वारा सम्मानित किए गए इन कैडरों और कर्मियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके कार्यों से न केवल स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों को मजबूती मिली है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त हुई है।कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कई दीदियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले वे आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर थीं, लेकिन अब वे स्वयं आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और समाज में उनकी पहचान भी बनी है।
इस अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों को विशेष रूप से साझा किया गया और उन्हें भविष्य में और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि महिलाएं संगठित होकर कार्य करें तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला कार्यपालक अभियंता (PHED), जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक संदेश के साथ हुआ। अंत में स्वयं सहायता समूह की दीदियों की उपलब्धियों की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में भी इसी तरह आगे बढ़कर समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि जब महिलाओं को अवसर, सहयोग और सम्मान मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन को बदलने की क्षमता रखती हैं बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने में भी सक्षम होती हैं।




