कोटालपोखर में बजरंगबली पूजा का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ी।
आकर्षक अखाड़ा जुलूस, शौर्य प्रदर्शन और भक्ति के संगम से गूंजा पूरा क्षेत्र।

अशफाक हुसैन / झारखंड साहिबगंज न्यूज
कोटालपोखर साहिबगंज।कोटालपोखर क्षेत्र में शुक्रवार को बजरंगबली पूजा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से भरा भव्य आयोजन किया गया। कोटालपोखर रेल फाटक के समीप स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल व्याप्त रहा और “जय श्री राम” एवं “बजरंगबली की जय” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा। विधि-विधान के साथ बजरंगबली की पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। पूजा के उपरांत भव्य अखाड़ा जुलूस निकाला गया, जो कोटालपोखर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा।

अखाड़ा जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक हथियारों, लाठी-डंडों के साथ अद्भुत और रोमांचक करतब प्रस्तुत किए। उनके शौर्य प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और उत्साहपूर्ण नारों के बीच निकले इस जुलूस का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में श्री श्री बजरंगबली पूजा समिति के सदस्यों की अहम भूमिका रही। समिति के सदस्यों ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, जिसमें स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला।
सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कोटालपोखर थाना प्रभारी अपने दल-बल के साथ पूरे जुलूस पर नजर बनाए हुए थे। भीड़ नियंत्रण और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की सक्रियता के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की भव्यता, अनुशासन और व्यवस्थाओं की सराहना की।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी तरह भव्य आयोजन करने का संकल्प दोहराया।



