जनगणना 2027 की तैयारी तेज: दूसरे दिन अधिकारियों को दिया गया हैंड्स-ऑन डिजिटल प्रशिक्षण।
कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से सिखाई गई डेटा प्रबंधन की प्रक्रिया, चार्ज अधिकारियों को HLB निर्माण व यूजर आईडी प्रबंधन की दी गई विस्तृत जानकारी।

पाकुड़।भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित Census of India 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से पूर्व आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को कंप्यूटर, लैपटॉप एवं मोबाइल के माध्यम से विस्तृत हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा प्रबंधन, संचालन तथा तकनीकी प्रक्रियाओं से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना था।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला जनगणना सह नोडल पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता तथा अपर जिला जनगणना पदाधिकारी चंद्रजीत खलखो की उपस्थिति में राज्य के सहायक निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय रांची राम भास्कर द्विवेदी एवं जिला समन्वयक सरोज कुमार ने सभी चार्ज अधिकारियों को जनगणना से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

प्रशिक्षकों ने चार्ज अधिकारियों को प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का यूजर आईडी निर्माण, गणना ब्लॉक (HLB) का निर्माण, प्रगणकों को HLB आवंटन, पर्यवेक्षी सर्किल का गठन तथा पर्यवेक्षकों को आवंटन की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि चार्ज अधिकारी के लॉगिन आईडी निर्माण के लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अनिवार्य है, जबकि प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के लिए ईमेल आईडी अनिवार्य नहीं है। हालांकि, ईमेल आईडी उपलब्ध रहने पर मोबाइल गुम होने की स्थिति में ओटीपी प्राप्त करने में सुविधा होगी।प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि चार्ज अधिकारी Bulk User Creation Excel Template के माध्यम से एक साथ सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की यूजर आईडी तैयार कर सकते हैं। वहीं प्रगणकों को केवल लॉगिन करने और डेटा सिंक करने के समय ही इंटरनेट की आवश्यकता होगी, जिससे कार्य को सुगम और तेज बनाया जा सकेगा।
इसके अलावा पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि पर्यवेक्षक प्रगणकों द्वारा अपलोड किए गए डेटा को केवल एक बार सुधार के लिए वापस भेज सकते हैं, जबकि प्रगणक डेटा को सिंक करने के बाद भी पूर्णता प्रमाणपत्र देने से पहले तक आवश्यक संशोधन कर सकते हैं।चार्ज अधिकारियों को HLB निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्हें निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन HLB फ्रीज़ करने से पहले उसका पीडीएफ या एक्सेल फॉर्मेट डाउनलोड कर भौतिक मिलान अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।
गौरतलब है कि इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे डेटा संग्रहण, प्रबंधन और विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए Census Test Portal पर सभी चार्ज अधिकारी, सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी तथा सहायकों से टेस्ट डेटा एंट्री कराकर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।इस व्यावहारिक अभ्यास से प्रतिभागियों को डिजिटल प्रणाली के माध्यम से जनगणना कार्य करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण आगामी जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने में काफी सहायक सिद्ध होगा।




