डीएवी स्कूल, पाकुड़ के विद्यार्थियों ने किया साहिबगंज साइंस सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण।

साहिबगंज।विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से शनिवार को डीएवी स्कूल पाकुड़ लगभग 70–80 छात्र-छात्राओं का एक शैक्षणिक दल साहिबगंज साइंस सेंटर पहुँचा। इस दौरान विद्यार्थियों को विज्ञान को नजदीक से समझने और विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला।साइंस सेंटर में पहुँचते ही विद्यार्थियों ने वहाँ प्रदर्शित विज्ञान से जुड़े आधुनिक उपकरणों, वैज्ञानिक मॉडलों और तकनीकों का अवलोकन किया। सेंटर के विशेषज्ञों और कर्मियों ने बच्चों को इन उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से संबंधित कई इंटरएक्टिव मॉडलों के माध्यम से प्रयोगात्मक ढंग से समझाया गया। इन मॉडलों और प्रदर्शनों की सहायता से विज्ञान के जटिल सिद्धांत भी विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से समझ में आए।साइंस सेंटर में मौजूद अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और प्रदर्शनों को देखकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने विज्ञान से जुड़े नवाचारों के साथ-साथ दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की प्रवृत्ति तथा नई खोजों के प्रति रुचि विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों के ज्ञान का दायरा व्यापक होता है। इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक और व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलता है, जो उनके बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।वहीं, विद्यार्थियों ने भी इस भ्रमण को बेहद रोचक, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। उनका कहना था कि विज्ञान को प्रत्यक्ष रूप से समझने का यह अनुभव उनके लिए यादगार रहा और इससे उन्हें विज्ञान के प्रति नई प्रेरणा मिली।

साइंस सेंटर, साहिबगंज के अधिकारियों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जाता रहेगा।यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिससे उनमें विज्ञान के प्रति नई जिज्ञासा, समझ और सीखने की उत्सुकता का विकास हुआ।




