बरमसिया ग्राम में “जल अर्पण दिवस” का भव्य आयोजन, गांव को मिला “हर घर जल” का दर्जा।
जल महोत्सव पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम, रैली, प्रतियोगिता और शपथ के माध्यम से जल संरक्षण का दिया गया संदेश।

महेशपुर पाकुड़। जिला अंतर्गत चल रहे “जल महोत्सव पखवाड़ा” (08 मार्च से 22 मार्च 2026) के अवसर पर महेशपुर प्रखंड के गायबथान पंचायत स्थित बरमसिया ग्राम में “जल अर्पण दिवस” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान बरमसिया ग्राम को “हर घर जल” के रूप में सत्यापित एवं आधिकारिक रूप से घोषित किया गया। यह उपलब्धि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अब गांव के प्रत्येक घर तक नल-जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।इस दौरान कार्यपालक अभियंता द्वारा ग्रामीणों को “जल रक्षा सूत्र” बांधकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

“जल बंधन” कार्यक्रम के तहत उपस्थित सभी ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और बच्चों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। साथ ही जल सहियाओं को जल जांच किट के माध्यम से नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता जांच करने के निर्देश दिए गए।कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों द्वारा “जल यात्रा (प्रभात फेरी)” और जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से “जल है तो कल है” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने बताया कि बरमसिया ग्राम में कुल 12 जल टंकियों का निर्माण किया गया है, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हुई है और सभी घरों तक नियमित रूप से स्वच्छ पानी पहुंचाया जा रहा है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “जल अर्पण दिवस” जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाना है, लेकिन इसके साथ ही जल स्रोतों का संरक्षण और पानी का सही उपयोग भी उतना ही जरूरी है।उन्होंने लोगों से अपील की कि जल बचाने को अपनी आदत बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रह सके।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों के बीच चित्रांकन एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में चापाकल, जल मीनार एवं बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के नियमित रख-रखाव एवं मरम्मत की आवश्यकता पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया, ताकि गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता लगातार बनी रहे।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, जल सहिया, समन्वयक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में जल संरक्षण का संकल्प लिया।
बरमसिया ग्राम में आयोजित “जल अर्पण दिवस” न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हुआ। “हर घर जल” की उपलब्धि के साथ गांव विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है।




