बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, तीन नाबालिगों को संभावित मानव तस्करी व बाल मजदूरी से बचाया।

बरहरवा साहिबगंज।मानव तस्करी एवं अन्य अवांछनीय गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष निगरानी अभियान के तहत आरपीएफ पोस्ट बरहरवा और आरपीएफ सीआईबी मालदा की संयुक्त टीम ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग लड़कों को संभावित बाल मजदूरी और मानव तस्करी के खतरे से सुरक्षित बचा लिया। आरपीएफ की इस सतर्कता और मानवीय पहल की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार बरहरवा रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान आरपीएफ पोस्ट बरहरवा की टीम, जिसमें कांस्टेबल अनिल कुमार साह और कांस्टेबल सुजीत कुमार सिंह शामिल थे, तथा आरपीएफ सीआईबी मालदा की टीम, जिसमें एएसआई रविशंकर यादव और हेड कांस्टेबल नूपुर बरन मिद्या शामिल थे, ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में जांच अभियान चलाया। यह अभियान आईपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व एवं देखरेख में संचालित किया जा रहा था।
जांच के दौरान रेलवे प्लेटफॉर्म पर तीन नाबालिग लड़के संदिग्ध एवं लक्ष्यहीन ढंग से घूमते हुए दिखाई दिए। आरपीएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को रोककर विनम्रता पूर्वक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान लड़कों ने बताया कि वे झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के निवासी हैं और मजदूरी की तलाश में गुजरात जाने के उद्देश्य से घर से निकले थे।
चूंकि तीनों लड़के नाबालिग थे और बिना किसी अभिभावक के लंबी दूरी की यात्रा पर जा रहे थे, इसलिए इस बात की आशंका व्यक्त की गई कि वे बाल मजदूरी या मानव तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों के शिकार हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों नाबालिगों को सुरक्षित रूप से अपने संरक्षण में लिया और आगे की प्रक्रिया के लिए आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया गया।पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और भलाई सुनिश्चित करने के लिए बाल संरक्षण संस्था बाल संरक्षण मंथन, बरहरवा साहिबगंज की प्रतिनिधि आराधना मंडल का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
इसके बाद बाल संरक्षण से संबंधित सभी निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तथा बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए तीनों नाबालिगों को उचित देखभाल, काउंसलिंग और पुनर्वास रिहैबिलिटेशन के लिए बाल संरक्षण मंथन, बरहरवा के अधिकृत प्रतिनिधियों गौतम कुमार और आराधना मंडल को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों को संस्था के सुपुर्द किया गया, ताकि उन्हें उचित मार्गदर्शन, संरक्षण और पुनर्वास उपलब्ध कराया जा सके।
आरपीएफ की इस सतर्क और संवेदनशील कार्रवाई से तीन नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण, बाल मजदूरी और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से बचाया जा सका। इस सराहनीय कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने आरपीएफ की टीम की प्रशंसा की है।




