बरहरवा के इस्लामपुर में भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन, सैकड़ों रोजेदारों ने मिलकर खोला रोजा।
विधायक निसात आलम की पहल पर उमड़ा जनसैलाब, अमन-चैन और भाईचारे के लिए की गई सामूहिक दुआ।

बरहरवा साहिबगंज।पवित्र माह-ए-रमज़ान के अवसर पर बरहरवा प्रखंड के इस्लामपुर स्थित आवास पर शनिवार को भव्य सामूहिक दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस आयोजन की पहल पाकुड़ की विधायक निसात आलम द्वारा की गई, जिसमें बरहरवा प्रखंड तथा नगर क्षेत्र से सैकड़ों रोजेदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था, आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।

इफ्तार से पूर्व उपस्थित सभी रोजेदारों और नागरिकों ने देश, राज्य और समाज में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए सामूहिक रूप से दुआ की। अज़ान होते ही सभी ने एक साथ रोज़ा खोलकर रमज़ान की बरकतों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव डॉ. तनवीर आलम ने सभी अतिथियों, रोजेदारों और उपस्थित गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रमज़ान का पवित्र महीना सब्र, त्याग, सेवा और इंसानियत का संदेश देता है। यह महीना हमें जरूरतमंदों की मदद करने तथा समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है।उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के सामूहिक इफ्तार कार्यक्रम सामाजिक समरसता और आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रमज़ान केवल इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि इंसानियत, सहयोग और सद्भाव को बढ़ाने का भी अवसर है।

इस अवसर पर राजमहल के विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नितिन खंडेलवाल, बरहरवा अंचल अधिकारी अनुज कुमार सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने मिलकर रोज़ा खोला और क्षेत्र में शांति, भाईचारा तथा विकास की कामना करते हुए दुआ की। बरहरवा के इस्लामपुर में आयोजित यह सामूहिक दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम आपसी सौहार्द, सामाजिक एकता और भाईचारे का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया, जिसकी पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।




