असम चुनाव में झामुमो का ‘भाईचारा और एकजुटता’ संदेश बना चर्चा का केंद्र, एमटी राजा बोले—जनता दे रही भरपूर समर्थन।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो के स्टार प्रचारकों ने संभाली कमान, विपक्ष पर नफरत की राजनीति का आरोप।

असम। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) असम चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्टार प्रचारक, मंत्री, सांसद और विधायक लगातार जनसभाएं कर रहे हैं और अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बना रहे हैं।
असम की एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनता को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें स्टार प्रचारक अभिषेक प्रसाद, राजमहल विधायक सह स्टार प्रचारक मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा तथा विधायक भूषण तिर्की शामिल थे।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक सह स्टार प्रचारक मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने कहा कि देश और राज्य में नफरत की राजनीति करने वाली पार्टियां झामुमो के बढ़ते जनसमर्थन से घबराई हुई हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में मिली सफलता के बाद अब असम में भी झामुमो का ‘भाईचारा और एकजुटता’ का संदेश तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
एमटी राजा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बड़े-बड़े भाषणों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम के कई गांव आज भी विकास से दूर हैं और आम जनता अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार और उनकी पार्टी समाज में नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है, जबकि झामुमो प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
एमटी राजा ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट संदेश है कि जिस तरह झारखंड में भाईचारे और एकजुटता के साथ विकास हुआ है, उसी मॉडल को अपनाकर असम का भी समग्र विकास संभव है।
उन्होंने दावा किया कि असम की जनता झामुमो के विचारों से प्रभावित होकर पार्टी को समर्थन दे रही है और आने वाले समय में इसका सकारात्मक परिणाम चुनाव में देखने को मिलेगा।