आधार की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त मनीष कुमार।
जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक में सख्त निर्देश, फर्जीवाड़ा रोकने पर विशेष जोर।

पाकुड़।जिला प्रशासन द्वारा आधार प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित एवं त्रुटिरहित बनाए रखने के उद्देश्य से उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आधार नामांकन एवं अद्यतन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नए आधार कार्ड निर्गत करते समय सभी आवश्यक दस्तावेजों का अत्यंत सावधानी एवं सतर्कता के साथ सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आधार में किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जीवाड़ा न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि वास्तविक लाभुकों के अधिकारों का भी हनन करता है।
उपायुक्त ने आधार नामांकन एवं अद्यतन प्रक्रिया में रैंडम जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी परिस्थिति में आधार अपडेट नहीं किया जाए और इस प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाए।
जिले में बच्चों के आधार नामांकन को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य बाल आधार कवरेज को अधिकतम करना है, ताकि भविष्य में बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में किसी भी स्थिति में फर्जी आधार कार्ड नहीं बनने चाहिए—यह सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने आधार कार्ड को बायोमेट्रिक लॉक कर सुरक्षित रखें, जिससे डाटा के दुरुपयोग की संभावना को रोका जा सके।
साथ ही उन्होंने बैंकिंग लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और अनजान सीएसपी (CSP) केंद्रों से पैसे की निकासी से बचने की सलाह दी, क्योंकि इससे धोखाधड़ी की आशंका बढ़ जाती है।
उपायुक्त ने जिले के सभी बैंकों को अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।
बैठक के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आधार प्रणाली की पारदर्शिता, शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र लाभुकों तक समयबद्ध एवं सुचारू रूप से पहुँच सके।
बैठक में सिविल सर्जन, मुख्यालय डीएसपी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, यूआईडी के सेक्शन ऑफिसर, डीपीओ यूआईडी, सीएसी मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




