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झारखंडलोकल न्यूज़

उत्क्रमित नगर पालिका कन्या उच्च विद्यालय, साहिबगंज में विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

साहिबगंज। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर साहिबगंज स्थित उत्क्रमित नगर पालिका कन्या उच्च विद्यालय परिसर में एक व्यापक, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आर्द्रभूमियों (Wetlands) के महत्व, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा जैव विविधता की रक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था। विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सजगता और जिम्मेदारी का परिचय दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक फारूक हुसैन ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि आर्द्रभूमियाँ केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि ये पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, भूजल स्तर को सुरक्षित रखने तथा असंख्य जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के प्राकृतिक आवास के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने स्थानीय तालाबों, जलाशयों और नदियों के संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण प्रदीप कुमार मोदी, प्रियंका कुमारी, सुजीत विश्वास, रश्मि कुमारी गुप्ता, निरोजनी मरांडी एवं अनिकेत कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। सभी शिक्षकों ने छात्राओं को जल संरक्षण, स्वच्छता तथा आसपास के जल स्रोतों की सुरक्षा के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी पर्यावरण में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं, बशर्ते हम उन्हें निरंतर अपनाएं।

कार्यक्रम के मुख्य संसाधन व्यक्ति (Resource Person) के रूप में उपस्थित डॉ. रणजीत कुमार सिंह, प्राचार्य, मॉडल कॉलेज राजमहल ने आर्द्रभूमियों के वैज्ञानिक, सामाजिक एवं आर्थिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तालाब, झील, दलदली क्षेत्र तथा नदियों के किनारे स्थित आर्द्रभूमियाँ प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और सूखे से सुरक्षा प्रदान करती हैं, जल को शुद्ध करने में सहायक होती हैं तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने आसपास के जल निकायों की पहचान करें और उनके संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का कार्य करें।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बड़ी उत्सुकता के साथ प्रश्न पूछे तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संकल्प लिए। जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से निबंध लेखन, भाषण एवं स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। छात्राओं ने आर्द्रभूमि संरक्षण, जल बचाव एवं प्रकृति सुरक्षा जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे

निबंध प्रतियोगिता: श्रेया एवं रानी सुश्री देव

स्लोगन प्रतियोगिता: नीति, जिया एवं प्रियंका

भाषण प्रतियोगिता: श्रेया रानी सुश्री देव

विजेता छात्राओं को विद्यालय स्तर पर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिली। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि छात्राओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव और अधिक सुदृढ़ हो सके।यह कार्यक्रम न केवल छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में भी सराहनीय साबित हुआ।

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