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झारखंड

समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला की DLMC बैठक संपन्न, 20 फरवरी 2026 तक सभी कार्य पूर्ण करने का सख्त निर्देश।

साहिबगंज।राज्य योजना अंतर्गत संचालित “समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला” की प्रगति की समीक्षा एवं प्रभावी अनुश्रवण के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त  हेमंत सती (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति (DLMC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न बीज गुणन प्रक्षेत्रों में संचालित कृषक पाठशालाओं की गतिविधियों की समीक्षा कर योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने बताया कि जिले के अलग-अलग बीज गुणन प्रक्षेत्रों में कृषक पाठशालाओं का संचालन विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के माध्यम से किया जा रहा है। बरहरवा बीज गुणन प्रक्षेत्र में शिक्षा एवं कल्याण समिति, बरहरवा, राजगांव बीज गुणन प्रक्षेत्र में Greenery Ranchi तथा राजमहल बीज गुणन प्रक्षेत्र में SK Enterprises, Ranchi द्वारा कृषक पाठशालाओं का संचालन किया जा रहा है।

तीनों कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने क्रमवार अपने-अपने प्रक्षेत्रों में संचालित गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

शिक्षा एवं कल्याण समिति, बरहरवा द्वारा 05 एचपी सोलर पम्प सेट हेतु डीप बोरिंग, मशरूम उत्पादन इकाई की स्थापना, किसानों के प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रमों के आयोजन की जानकारी दी गई। साथ ही निकट भविष्य में बायोफ्लॉक प्रणाली लागू करने की योजना भी साझा की गई।

Greenery Ranchi द्वारा साहिबगंज कृषक पाठशाला में पॉलीहाउस निर्माण एवं मशरूम उत्पादन इकाई की स्थापना की जानकारी दी गई।

SK Enterprises, Ranchi द्वारा राजमहल प्रक्षेत्र में उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों से समिति को अवगत कराया गया।

वित्तीय वर्ष की समाप्ति को दृष्टिगत रखते हुए उपायुक्त श्री सती ने सभी कार्यकारी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनांतर्गत स्वीकृत सभी कार्य हर हाल में 20 फरवरी 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ वास्तविक किसानों तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे।

उपायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि सभी कृषक पाठशाला प्रक्षेत्रों में बकरी पालन, सूकर पालन, गौ पालन एवं मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों को अनिवार्य रूप से विकसित किया जाए। बिरसा ग्रामों (पोषक ग्रामों) के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने हेतु नियमित प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त कृषक पाठशाला प्रक्षेत्रों में एग्रो-टूरिज्म विकसित करने की संभावनाओं पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, उप परियोजना पदाधिकारी सह निदेशक आत्मा सहित तीनों कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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