शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों में नामांकन हेतु मौखिक परीक्षा संपन्न।

साहिबगंज। शैक्षणिक सत्र 2026–27 में कल्याण विभाग, झारखंड सरकार द्वारा संचालित अनुसूचित जनजातीय (ST) एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आवासीय विद्यालयों में कक्षा–1 के रिक्त पदों पर नामांकन हेतु शनिवार को साहिबगंज जिले के विभिन्न विद्यालयों में मौखिक परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई।
परीक्षा का आयोजन संबंधित विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाकर किया गया। जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों से आए नन्हे अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक परीक्षा में भाग लिया। पूरी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई।जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों की देखरेख में प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही, जिससे परीक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकी। अभिभावकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ परीक्षा केंद्रों पर सहयोग किया।

मौखिक परीक्षा निम्नलिखित विद्यालयों में आयोजित की गई
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उच्च विद्यालय, वृंदावन (तालझारी)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका उच्च विद्यालय, बरहेट
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उच्च विद्यालय, बांझी
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका उच्च विद्यालय, बंदरकोला (बोरियो)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उत्क्रमित उच्च विद्यालय, धमधामियाँ (तालझारी)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका उत्क्रमित उच्च विद्यालय, अंबेरी (पतना)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उत्क्रमित उच्च विद्यालय, अरगौरी (बरहेट)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उत्क्रमित उच्च विद्यालय, करमपहाड़ (मंडरो)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका उत्क्रमित उच्च विद्यालय, अदरो (बोरियो)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उत्क्रमित उच्च विद्यालय, ढिबरीकोल (पतना)
अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उत्क्रमित उच्च विद्यालय, चांदवासी (बोरियो)
पीवीटीजी बालिका आवासीय प्राथमिक विद्यालय, किताझोर (बरहेट)
पीवीटीजी आवासीय बालक प्राथमिक विद्यालय, करमपहाड़ (मंडरो)

कल्याण विभाग की यह पहल अनुसूचित जनजाति एवं पीवीटीजी समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क एवं आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ आवास, पोषण, अध्ययन सामग्री एवं समग्र विकास के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा चयन प्रक्रिया हेतु आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि नामांकन की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूर्ण हो सके।ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की इस पहल से जिले में शैक्षणिक वातावरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




