साहिबगंज में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विशेष जागरूकता अभियान आयोजित।
मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति एवं बाल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन।

साहिबगंज। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP) के अंतर्गत साहिबगंज में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. अर्शी खानम एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, साहिबगंज पुनम कुमारी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नशा मुक्ति को प्रोत्साहित करना तथा बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित विषयों पर व्यापक मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अर्शी खानम ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य उतना ही आवश्यक है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। मानसिक समस्याओं की समय पर पहचान, उचित परामर्श और समुचित उपचार से गंभीर परिस्थितियों को रोका जा सकता है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने तथा बच्चों, बालिकाओं एवं उनके परिवारों को प्रभावी परामर्श उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनम कुमारी ने किशोर-किशोरियों को नशा से दूर रखने, उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने तथा बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति, साहिबगंज, चाइल्ड हेल्पलाइन, मंथन संस्था, झारखंड विकास परिषद एवं PCI-INDIA (DPC-PCI INDIA) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी बल दिया कि सामुदायिक स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन से ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत आधारशिला रखी जा सकती है।




