राजमहल प्रखंड सभागार में मनरेगा के तहत एक दिवसीय बागवानी प्रशिक्षण संपन्न।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी पर दिया गया विशेष जोर।

राजमहल साहिबगंज।राजमहल प्रखंड सभागार में मंगलवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत एक दिवसीय बागवानी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र में संचालित बागवानी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा तकनीकी निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजमहल प्रखंड विकास पदाधिकारी मो. यूसुफ ने की। अपने संबोधन में उन्होंने उपस्थित ग्राम रोजगार सेवकों, बागवानी सखी एवं बीएफटी (BFT) को निर्देश देते हुए कहा कि बागवानी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक योजना की नियमित निगरानी, स्थल निरीक्षण तथा निर्धारित तकनीकी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का दीर्घकालिक लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके।
प्रशिक्षण सत्र में बीपीओ गगन बापू, कनीय अभियंता मो. एहसानुल जमील तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के क्षेत्र समन्वयक सोनू कुमार ने प्रशिक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने बागवानी योजना के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी तथा “बागवानी सखी ऐप” के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया समझाई।
प्रशिक्षण के दौरान निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। नए किसानों के चयन की प्रक्रिया,योजना चयन से पूर्व की आवश्यक गतिविधियाँ,गड्ढा खुदाई के दौरान अपनाए जाने वाले तकनीकी मानक,पौधा रोपाई के समय बरती जाने वाली सावधानियाँ,रोपाई के बाद रख-रखाव, संरक्षण एवं सिंचाई प्रबंधन के उपाय प्रशिक्षकों ने बताया कि बागवानी सखी द्वारा प्रत्येक योजना का भौतिक स्थल निरीक्षण किया जाएगा तथा ऐप के माध्यम से संबंधित डेटा अपलोड किया जाएगा। इससे कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी और योजनाओं की उत्तरजीविता (सर्वाइवल रेट) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू होने से योजनाओं में पारदर्शिता आएगी, अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा तथा कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने सभी कर्मियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करें, ताकि मनरेगा के तहत संचालित बागवानी योजनाएँ ग्रामीण किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में बीपीओ श्वेता, बीपीओ गगन बापू, सहायक अभियंता विकास कुमार चौधरी, कनीय अभियंता मो. एहसानुल जमील, दीपनारायण मंडल, JSLPS के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार, लेखा सहायक मो. सोहर वर्दी, ग्राम रोजगार सेवक धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि बागवानी योजनाओं को गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं तकनीकी दक्षता के साथ क्रियान्वित कर राजमहल प्रखंड को एक आदर्श एवं मॉडल प्रखंड के रूप में स्थापित किया जाएगा।




