राजमहल प्रखंड की सभी 23 पंचायतों में धूमधाम से मनाया गया मनरेगा स्थापना दिवस, 100 दिन कार्य पूर्ण करने वाले मजदूर सम्मानित, नई योजनाओं को मिली गति।

राजमहल (साहिबगंज) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थापना दिवस के अवसर पर राजमहल प्रखंड अंतर्गत सभी 23 पंचायतों में उत्साह, जागरूकता और सक्रिय सहभागिता के साथ मनरेगा दिवस मनाया गया। पंचायत स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा विकासोन्मुख नई योजनाओं को गति देना रहा।
इस अवसर पर प्रत्येक पंचायत में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों, महिलाओं एवं मजदूरों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली के माध्यम से मनरेगा के तहत मिलने वाले अधिकारों, सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी दी गई। श्रमिकों को बताया गया कि वे किस प्रकार जॉब कार्ड के माध्यम से रोजगार की मांग कर सकते हैं तथा सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन मजदूरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इस सम्मान से अन्य श्रमिकों में भी प्रेरणा और उत्साह का संचार हुआ। साथ ही, कई पंचायतों में नए जॉब कार्ड का वितरण किया गया तथा ई-केवाईसी की प्रक्रिया को भी गति दी गई।मनरेगा दिवस के अवसर पर नए कार्यों की मांग का पंजीकरण, नई योजनाओं का चयन एवं पूर्व में स्वीकृत योजनाओं की पूर्णता की समीक्षा भी की गई। इससे मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और सक्रियता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
प्रखंड की खुटहरि पंचायत में बीपीओ श्वेता ने कार्यक्रम में भाग लेकर मजदूरों को मनरेगा की उपयोगिता और अधिकारों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। वहीं गुणिहारी पंचायत में बीपीओ गगन बापू की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कैलाश वर्मा, रवि हेम्ब्रम, शम्स आजम सहित सभी ग्राम रोजगार सेवक (GRS) एवं बीएफटी (BFT) ने सक्रिय भूमिका निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।
मनरेगा दिवस के इस व्यापक आयोजन से पंचायत स्तर पर श्रमिकों में उत्साह देखने को मिला तथा रोजगार सृजन और विकास कार्यों को नई दिशा मिली। ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और मनरेगा से जुड़ी योजनाओं के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि पंचायत स्तर पर विकास और रोजगार के नए अवसरों को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।




