राजमहल मॉडल कॉलेज का पुस्तकालय बना ज्ञान व प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी का सशक्त केंद्र।
उपायुक्त हेमंत सती द्वारा प्रदत्त बहुमूल्य पुस्तकों से अध्ययन-अध्यापन को मिली नई दिशा।

राजमहल साहिबगंज।राजमहल स्थित राजमहल मॉडल कॉलेज का पुस्तकालय इन दिनों ज्ञान, प्रेरणा और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती द्वारा महाविद्यालय को प्रदत्त बहुमूल्य एवं उपयोगी पुस्तकों ने अध्ययन-अध्यापन के वातावरण को नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की है। इस पहल से न केवल पुस्तकालय की उपयोगिता बढ़ी है, बल्कि विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति उत्साह और गंभीरता भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
उपलब्ध कराई गई पुस्तकों में सामान्य अध्ययन, समसामयिक घटनाएँ, विभिन्न शैक्षणिक विषयों की पाठ्य सामग्री, व्यक्तित्व विकास, करियर मार्गदर्शन तथा जीवनोपयोगी विचारों से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से छात्र-छात्राएँ अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नियमित पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों का गहन अध्ययन भी कर पा रहे हैं।

पुस्तकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर, तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। पुस्तकालय अब केवल अध्ययन स्थल न रहकर विचार-विमर्श, आत्मविकास और लक्ष्य निर्धारण का प्रेरक केंद्र बन गया है।
विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पहल अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री के लिए अन्य शहरों या संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। एक ही स्थान पर विविध विषयों की उत्कृष्ट पुस्तकें उपलब्ध होने से पुस्तकालय के प्रति उनकी रुचि बढ़ी है और नियमित अध्ययन की आदत विकसित हो रही है।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने उपायुक्त हेमंत सती के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शैक्षणिक सहयोग विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी प्रशासन का मार्गदर्शन एवं सहयोग इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा, जिससे संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ होगी।
छात्र-छात्राओं ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नई पुस्तकों ने उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति अधिक जागरूक, अनुशासित और प्रेरित बनाया है। उनके अनुसार, यह पहल न केवल परीक्षा की तैयारी में सहायक है, बल्कि जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मनिर्भरता और नई दिशा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।समस्त महाविद्यालय परिवार ने उपायुक्त हेमंत सती के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सहयोग से संस्थान में अध्ययन-अध्यापन का वातावरण और अधिक उत्कृष्ट, अनुशासित एवं परिणामोन्मुख बनेगा।




