प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं उपायुक्त ने किया मंडल कारा का संयुक्त निरीक्षण।
नगर निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों, मतदाता सूची विखंडन और स्ट्रीट वेंडर दुकानों का भी लिया जायजा।

साहिबगंज। जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निरीक्षण अभियान चलाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिल कुमार एवं उपायुक्त हेमंत सती ने संयुक्त रूप से मंडल कारा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने कैदियों से सीधे संवाद कर उनके खान–पान, दैनिक दिनचर्या, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि कारा परिसर में किसी भी प्रकार का धार्मिक, जातीय अथवा अन्य आधार पर भेदभाव न हो।
कैदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें विधिक सहायता समय पर उपलब्ध हो रही है या नहीं तथा उनके मामलों की प्रगति किस स्थिति में है। संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा गया कि कारा प्रशासन मानवाधिकार मानकों के अनुरूप कार्य करते हुए पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनाए रखे।
इसी क्रम में उपायुक्त हेमंत सती ने नगर निकाय चुनाव 2026 के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन को लेकर पुलिस लाइन परिसर में तैयार निर्वाचन सामग्री कोषांग का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान सामग्रियों की सुरक्षित पैकिंग, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रक्रियाएँ पूरी सतर्कता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हों ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
उपायुक्त ने सिद्धो कान्हो सभागार में चल रहे मतदाता सूची विखंडन कार्य का भी निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने समयबद्ध एवं त्रुटिरहित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिरवाबाड़ी क्षेत्र में निर्मित स्ट्रीट वेंडर दुकानों का भी जायजा लिया। उन्होंने वेंडरों द्वारा संचालित दुकानों की स्थिति का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को नियमानुसार दुकान आवंटित की जाए तथा बाजार संचालन को सुव्यवस्थित और व्यवस्थित बनाया जाए।
जिला प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जनहितकारी बनाने हेतु सतत प्रयास जारी है। प्रशासन का उद्देश्य है कि न्यायिक, चुनावी एवं नगर विकास से संबंधित सभी प्रक्रियाएँ सुचारु, मानवीय एवं नियमसम्मत ढंग से संचालित हों।




