फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: साहिबगंज में एमडीए अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ, घर-घर पहुंचेगी जीवनरक्षक दवा।

साहिबगंज। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय स्तर पर संचालित मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ मंगलवार को हाई स्कूल नगरपालिका कन्या विद्यालय, साहिबगंज में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त हेमंत सती एवं सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का पारंपरिक रूप से पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूर्णतः रोके जा सकने वाला रोग है। उन्होंने कहा कि समय पर और सही तरीके से दवा सेवन कर इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। एमडीए अभियान की सफलता जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों के बीच सुदृढ़ समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे दवा सेवन को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति में न रहें और स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्ण सहयोग करें।
सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से इस कार्यक्रम के तहत डायइथाइलकार्बामाजीन (DEC) एवं एल्बेंडाजोल दवाओं का सामुदायिक स्तर पर वितरण किया जाएगा। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा उपलब्ध कराएंगे और उनके समक्ष दवा सेवन सुनिश्चित करेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रह जाए।
एमडीए कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों के लिए दवा सेवन आवश्यक है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों तथा 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को DEC दवा नहीं दी जाएगी। वहीं 1 से 2 वर्ष की आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली दी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये दवाएं पूर्णतः सुरक्षित हैं और इनके सेवन से किसी प्रकार की हानि नहीं होती, बल्कि यह भविष्य में होने वाली गंभीर विकलांगता से बचाव का प्रभावी उपाय है।
अधिकारियों ने कहा कि फाइलेरिया जैसी बीमारी का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर स्थायी रूप से पड़ सकता है, इसलिए इससे बचाव के लिए सामूहिक जागरूकता और समय पर दवा सेवन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य को दवा सेवन अवश्य कराएं और इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आगामी दिनों में स्वास्थ्य कर्मी पूरे जिले में घर-घर जाकर दवा वितरण और जागरूकता का कार्य करेंगे। स्वास्थ्य विभाग को विश्वास है कि जनसहभागिता के माध्यम से साहिबगंज को शीघ्र ही फाइलेरिया मुक्त जिले के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।




