90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव पर भव्य द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का आयोजन।
मछुआ सोसाइटी हॉल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ‘हम सब पार्वती’ नाट्य मंचन ने बाँधा समा।

साहिबगंज। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मछुआ सोसाइटी हॉल में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में द्वादश ज्योतिर्लिंग की भव्य एवं आकर्षक झांकी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी उपस्थित हुए।
संस्था द्वारा इस वर्ष महाशिवरात्रि को पूरे भारतवर्ष में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के रूप में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर द्वादश ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन किए। सुंदर एवं सुसज्जित झांकियों ने आध्यात्मिक वातावरण को जीवंत बना दिया, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘हम सब पार्वती’ शीर्षक नाट्य मंचन रहा। इस नाट्य प्रस्तुति में शिव पुराण की कथा को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। भगवान शंकर, माता पार्वती, भगवान विष्णु, ब्रह्मा एवं नारद के सजीव रूपांतरण ने दर्शकों का मन मोह लिया। विशेष रूप से शिव जी की बारात के आध्यात्मिक रहस्य को अत्यंत प्रभावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य सेवाकेंद्र प्रभारी अनु दीदी, डॉ. शकुंतला सहाय, डॉ. विजय कुमार, डॉ. रणजीत कुमार सिंह एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शिव बाबा के अवतरण के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केक काटकर जयंती मनाई गई तथा ध्वजारोहण भी संपन्न हुआ।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में अनु दीदी ने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव का अवतरण अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश से मानव जीवन को आलोकित करने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि शिव का संदेश आत्मचिंतन, आत्मपरिवर्तन और आध्यात्मिक जागृति का है, जो विकारों से उत्पन्न कर्मबंधनों को समाप्त कर नूतन दैवी सृष्टि की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन मनीषा मंजरी ने किया। स्वागत नृत्य सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की छात्रा सुप्रिया सौम्या द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी दृष्टि चैटर्जी ने “शिव अनादि है, शिव अनंत है” गीत पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे आध्यात्मिक जागृति और सामाजिक सद्भाव का प्रेरणादायक प्रयास बताया। भक्ति, आस्था और उत्साह से परिपूर्ण यह आयोजन महाशिवरात्रि पर्व को नई ऊर्जा एवं दिव्य संदेश के साथ संपन्न करने में सफल रहा।




